
व्यक्तिगत परिचय की तैयारी
1. परिचय क्यों पूछा जाता है?
इंटरव्यू की शुरुआत 99% मामलों में एक ही सवाल से होती है: “अपने बारे में कुछ बताइए” या “अपना परिचय दीजिए”।
कई उम्मीदवार सोचते हैं कि बोर्ड को तो मेरा नाम और पता पहले से मालूम है (फाइल में लिखा है), फिर वे यह क्यों पूछ रहे हैं? क्या वे मेरा नाम भूल गए हैं? नहीं।
असल कारण (Real Reason): यह सवाल एक “वार्म-अप” (Warm-up) है। इसके तीन मुख्य उद्देश्य हैं:
- 1. Confidence Check: क्या आप अपनी ही बातों को बिना अटके, बिना डरे और आंखों में देखकर बोल सकते हैं?
- 2. Flow Set करना: आप जो परिचय देंगे, अगला सवाल उसी में से निकलेगा। अगर आप कहेंगे “मैं किसान का बेटा हूँ”, तो अगला सवाल खेती पर होगा। यानी, आप खुद तय करते हैं कि इंटरव्यू किस दिशा में जाएगा।
- 3. Language Test: आपकी भाषा कैसी है? क्या आप ग्रामीण भाषा बोल रहे हैं या एक मर्यादित (Formal) हिंदी का प्रयोग कर रहे हैं?
2. सटीक परिचय का फार्मूला
एक अच्छा परिचय 40 से 60 सेकंड का होना चाहिए। न इससे कम, न इससे ज्यादा। इसमें केवल 4 मुख्य पिलर (Pillars) होने चाहिए।
क्या नहीं बोलना है?
माता-पिता का नाम (जब तक पूछा न जाए), गाँव का पूरा पता (मकान नंबर, गली नंबर), आपकी जाति या धर्म, और लंबी-चौड़ी हॉबी की लिस्ट।
3. रट लें: आदर्श उत्तर (Model Scripts)
यहाँ तीन अलग-अलग प्रोफाइल के लिए स्क्रिप्ट दी गई है। आप अपनी स्थिति के अनुसार इसे चुनें और आईने के सामने अभ्यास करें।
4. कठिन सवालों का सामना (Cross-Questions)
परिचय के तुरंत बाद बोर्ड आप पर सवालों की बौछार करेगा। यहाँ सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवाल और उनके ‘सुरक्षित’ जवाब हैं।
यह सवाल आपके अहंकार (Ego) को परखने के लिए है। वे देखना चाहते हैं कि क्या आप इस काम को छोटा समझते हैं।
कभी भी ऐसी कमजोरी न बताएं जो नौकरी के लिए खतरा हो (जैसे- मुझे गुस्सा आता है, मैं आलसी हूँ, मैं सुबह जल्दी नहीं उठ पाता)।
5. अपने जिले को जानें (District Profile)
बोर्ड अक्सर पूछता है—”अपने जिले की कोई खास बात बताओ”। अगर आप चुप रह गए, तो लगेगा कि आप जागरूक नागरिक नहीं हैं। आज ही अपने जिले के बारे में ये 4 बातें रट लें:
- 1. प्रसिद्ध स्थान: कोई मंदिर, किला, नदी या पर्यटन स्थल। (जैसे- गया का विष्णुपद मंदिर, पटना का गोलघर)।
- 2. प्रसिद्ध फसल/उत्पाद: वहां क्या उगता है? (जैसे- मुजफ्फरपुर की लीची, हाजीपुर का केला)।
- 3. प्रसिद्ध व्यक्ति: कोई स्वतंत्रता सेनानी, नेता या लेखक जो आपके जिले से हों।
- 4. पड़ोसी जिले: आपके जिले की सीमा किन-किन जिलों से लगती है।
6. ज्यादा पढ़े-लिखे होने का क्या करें?
अगर आपने ग्रेजुएशन (B.A/B.Sc) या उससे ऊपर की पढ़ाई की है, तो आप एक दुविधा में होंगे। क्या इसे बताएं या छिपाएं?
इसलिए, झूठ न बोलें। अपनी उच्च शिक्षा को बताएं, लेकिन उसका बचाव (Justification) तैयार रखें।
सवाल: “आप तो ग्रेजुएट हैं, फिर मज़दूर का काम क्यों करेंगे? क्या आप बोर नहीं हो जाएंगे?”
जवाब: “सर, बेरोजगारी के इस दौर में काम कोई भी छोटा नहीं होता। मेरी शिक्षा मुझे इस काम को और बेहतर और व्यवस्थित तरीके से करने में मदद करेगी। मैं अपनी योग्यता का उपयोग कोर्ट की फाइलों को सही से मैनेज करने और निर्देशों को जल्दी समझने में करूँगा।”
7. अंतिम चेकलिस्ट (Checklist)
| क्या करें (Do’s) | क्या न करें (Don’ts) |
|---|---|
| हल्की मुस्कान के साथ बात करें। | घबराकर या रोनी सूरत बनाकर बात न करें। |
| आंखों में आंखें डालकर (Eye Contact) जवाब दें। | छत, पंखा या जमीन की तरफ न देखें। |
| अपनी बात 30-40 सेकंड में खत्म करें। | अपनी पूरी जीवनी (Bio-data) न सुनाने लगें। |
| शुद्ध हिंदी या सामान्य बोलचाल की भाषा बोलें। | जबरदस्ती अंग्रेजी के शब्द न डालें अगर आप सहज नहीं हैं। |
