
gyanmunch.com पर प्रस्तुत Bihar Board Class 10 Sanskrit Chapter 5 : भारतमहिमा की यह अध्ययन सामग्री छात्रों के लिए बेहद उपयोगी है। यहाँ आप संस्कृत पीयूषम् भाग–2 के इस अध्याय के सभी श्लोकों का संधि-विच्छेद, शब्दार्थ, सरल श्लोकार्थ, तथा Bihar Board Exam में पूछे जाने वाले Objective Questions, Short Answer, और 16 अंक वाले Long Questions का विस्तृत एवं सरल विश्लेषण पढ़ सकते हैं। इस पेज पर उपलब्ध सामग्री विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई है जो BSEB Class 10 Sanskrit Notes, Sanskrit Chapter 1 Mangalam explanation, और Sanskrit objective questions with answers की खोज कर रहे हैं। gyamunch.com का यह अध्याय छात्रों की परीक्षा तैयारी को मजबूत बनाता है और उन्हें उच्च अंक प्राप्त करने में सहायता प्रदान करता है।
5. भारतमहिमा (भारत की महिमा) (Bharat Mahima)
पाठ परिचय
इस पाठ ‘भारतमहिमा’ में भारत के महत्व के वर्णन से सम्बद्ध पुराणों के दो पद्य तथा तीन आधुनिक पद्य दिये गये हैं। हमारे देश भारत वर्ष को प्राचीन काल से इतना महत्व दिया गया था कि देवगण भी यहाँ जन्म लेने के लिए तरसते थे।
(अस्माकं देशः भारतवर्षमिति कथ्यते। अस्य महिमा सर्वत्र गीयते। पाठेऽस्मिन् विष्णुपुराणात् भागवतपुराणात् च प्रथमं द्वितीयं च क्रमशः पद्यं गृहीतमस्ति। अवशिष्टानि पद्यान्यध्यक्षेण निर्मीय प्रस्तावितानि। भारतं प्रति भक्तिरस्माकं कर्तव्यरूपेण वर्तते।)
अर्थ: हमारे देश को भारतवर्ष कहा जाता है। इसकी महिमा सब जगह गायी जाती है। इस पाठ में विष्णुपुराण और भागवत पुराण से क्रमशः प्रथम और द्वितीय पद्य लिया गया है। बचे अन्य पदों को निर्माण कर प्रस्तुत किये गये हैं। भारत के प्रति भक्ति हमारा कर्तव्य है।
श्लोक 1 (विष्णुपुराण से)
व्याख्या: प्रस्तुत श्लोक ‘विष्णुपुराण‘ से संकलित तथा ‘भारतमहिमा‘ पाठ से उद्धृत है। पुराणकार का कहना है कि यह भूमि स्वर्ग और मोक्ष प्रदान करने वाली है। यहाँ जन्म लेनेवाले देवतुल्य माने जाते हैं क्योंकि यहाँ राम-कृष्ण जैसे देवताओं ने जन्म ग्रहण कर यह सिद्ध कर दिया है।
श्लोक 2 (भागवतपुराण से)
व्याख्या: प्रस्तुत श्लोक ‘भागवतपुराण‘ से संकलित है। पुराणकार का कहना है कि भारत ही ऐसा देश है जहाँ भगवान भी जन्म लेने की इच्छा प्रकट करते हैं। इस देश में जन्म लेनेवाले मनुष्य धन्यवाद के पात्र होते हैं क्योंकि श्रीहरी के सेवा के इच्छुक होते हैं।
श्लोक 3 (आधुनिक पद्य)
व्याख्या: प्रस्तुत श्लोक ‘भारतमहिमा‘ पाठ से उद्धृत है। विद्धानों का कहना है कि भारत ही ऐसा देश है जहाँ विभिन्न जाति के लोग आपस में मिलजुल कर एकता का परिचय देते हैं। भिन्न-भिन्न जाति, धर्म, सम्प्रदाय के होते हुए भी सभी भाई-भाई के समान एक साथ रहते हैं।
श्लोक 4 (आधुनिक पद्य)
व्याख्या: प्रस्तुत श्लोक ‘भारतमहिमा‘ पाठ से लिया गया है। भारत एक विशाल देश है। इसके उत्तर में हिमालय पर्वत प्रहरी के समान है, दक्षिण में हिन्द महासागर पाँव पखार रहा है। गंगा, यमुना तथा बह्मपुत्र जैसी नदियाँ अपने जल से यहाँ की भूमि सींचती है। अतः भारत देश सभी प्राकृतिक संपदाओं से परिपूर्ण है।
श्लोक 5 (आधुनिक पद्य)
व्याख्या: प्रस्तुत श्लोक ‘भारतमहिमा‘ पाठ से लिया गया है। कवि का कहना है कि हमारी देश भक्ति इतनी मधुर है कि विश्व इसके समक्ष नतमस्तक है। सभी देश की रक्षा के लिए तन-मन-धन से समर्पित है। इसके आर्दश आचरण के कारण हमेशा शोभनिय और पुजनिय है।
Chapter-5 (भारतमहिमा) – Subjective Question Answer in Hindi
प्रश्न 1. ‘भारतमहिमा’ पाठ से हमें क्या संदेश मिलता है ?
प्रश्न 2. भारत-महिमा पाठ का सारांश प्रस्तुत करें ।
प्रश्न 3. हमारी भारतभूमि कैसी है ?
प्रश्न 4. भारत भूमि किस प्रकार की भूमि है।
प्रश्न 5. सभी जनों की देशभक्ति कैसी होनी चाहिए ?
प्रश्न 6. ‘भारत महिमा’ पाठ के आधार पर भारतीय मूल्यों की विशेषता पर प्रकाश डालें ।
- यह भूमि सदैव पवित्र और ममतामयी है।
- यहाँ के लोग धर्म, जाति के भेदों को भूलकर एकता के भाव को धारण करते हैं।
- भारतभूमि विशाल, शुभस्वरूपा और सुन्दर ऐश्वर्य वाली है।
- भारतीय ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ (समस्त पृथ्वी हमारा परिवार है) की भावना से जीते हैं।
- यह भूमि देवताओं द्वारा सेवित है और मोक्ष का द्वार है।
प्रश्न 7. भारतीय लोगों की सर्वाधिक महत्वपूर्ण विशेषता क्या है ?
प्रश्न 8. ‘भारत महिमा’ पाठ में किन-किन पुराणों से पद्य संकलित है ?
प्रश्न 9. भारतभूमि कैसी है और यहाँ कौन लोग रहते हैं
प्रश्न 10. भारत महिमा पाठ के आधार पर भारत का वर्णन संक्षेप में करें ।
प्रश्न 11. ‘भारत महिमा’ पाठ का उद्देश्य क्या है ?
