bihar board class 10 मधुराष्‍टकम् ( आठ मधुर गीत ) – Madhurastakam in Hindi

मधुराष्टकम् पाठ का थंबनेल
बिहार बोर्ड (वर्ग 10) – संस्कृत द्रुतपाठाय (Second Sanskrit) – पाठ 6

मधुराष्‍टकम्

(श्री कृष्ण की मधुरता का वर्णन)

अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरम् ।
हृदयं मधुरं गमनं मधुरं मथुराधिपतेरखिलं मधुरम् ।। 1।।

अर्थ: उनका ओष्‍ठ मधुर, शरीर (मुख) मधुर, नयन मधुर, हंसी मधुर, हृदय मधुर, चलना मधुर – मधुराधिपति (श्रीकृष्ण) का सारा चीज मधुर है।

वचन मधुरं चरितं मधुरं वसनं मधुरं वलितं मधुरम् घलितं मधुरं।
भ्रमितं मधुरं मधुराधिपतेरखिलम् मधुरम् ॥ 2 ॥

अर्थ: उनकी बोली मधुर, जीवन (चरित्र) मधुर, वस्त्र मधुर, केश मधुर, चाल मधुर, घूमना मधुर – मधुराधिपति भगवान श्रीकृष्ण का सब कुछ मधुर है।

वेणुर्मधुरो रेणुर्मधुरः पाणिर्मधुरः पादौ मधुरौ।
नृत्यं मधुरं सख्यं मधुरं मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ।। 3 ॥

अर्थ: उनकी बाँसुरी मधुर, चरण धुलि (रेणु) मधुर, हाथ मधुर, दोनों पैर मधुर, नाच मधुर, दोस्ती मधुर – मधुराधिपति भगवान श्रीकृष्ण का सब कुछ मधुर है।

गीतं मधुरं पीतं मधुरं भुक्तं मधुरं सुप्तं मधुरम्।
रूपं मधुरं तिलकं मधुरं मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥ 4 ॥

अर्थ: उनका गीत मधुर, पीताम्बर (पीला वस्त्र) मधुर, खाना मधुर, सोना मधुर, रूप मधुर, चन्दन (तिलक) मधुर – मधुराधिपति भगवान श्रीकृष्ण का सब कुछ मधुर है।

करणं मधुरं तरणं मधुरं हरणं मधुरं रमणं मधुरम्।
वमितं मधुरं शमितं मधुरं मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥5॥

अर्थ: उनका कार्य करना मधुर, तैरना (तरण) मधुर, हरण करना (मन को मोहना) मधुर, रमण करना मधुर, वमन करना (मुंह से निकली हुई वस्तु) मधुर, शमन करना (शांति देना) मधुर – मधुराधिपति श्रीकृष्ण का सब कुछ मधुर है।

गुंजा मधुरा माला मधुरा यमुना मधुरा वीची मधुरा।
सलिलं मधुरं कमलं मधुरं मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥ 6॥

अर्थ: उनकी गुंजा (वैजन्ती माला के दाने) मधुर, माला मधुर, यमुन मधुर, घाट मधुर, जल मधुर, कमल मधुर – मधुराधिपति भगवान श्रीकृष्ण का सबकुछ मधुर है।

गोपी मधुरा लीला मधुरा युक्तं मधुरं मुक्तं मधुरम्।
दृष्टं मधुरं शिष्टं मधुरं मधुराधिपतेरखिलम् मधुरम् ॥ 7 ॥

अर्थ: उनकी गोपी मधुर, लीला मधुर, मिलन (युक्तं) मधुर, बिछुरना (मुक्तं) मधुर, देखना मधुर, आचार मधुर – मधुराधिपति भगवान श्रीकृष्ण का सब कुछ मधुर है।

गोपा मधुरा गावो मधुरा यष्टिर्मधुरा मुष्टिर्मधुरा
दलितं मधुरं फलितं मधुरं मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥8॥

अर्थ: उनके ग्वाले (गोपा) मधुर, गाय मधुर, लाठी (यष्टिः) मधुर, मुट्ठी मधुर, दलन करना (शत्रुओं का विनाश) मधुर, फल देना (परिणाम) मधुर – मधुराधिपति भगवान् श्रीकृष्ण का सब कुछ मधुर है।


यह “मधुराष्टकम्” की संपूर्ण व्याख्या है, जो भगवान श्रीकृष्ण की ‘सर्वं मधुरं’ (सब कुछ मधुर है) लीला का वर्णन करती है।

Scroll to Top